मैं एक आम नागरिक हूँ।
मैंने सिर्फ इतना कहा था —
सिर्फ चालान काटने से
सड़कें सुरक्षित नहीं हो जातीं।
अगर हेलमेट जरूरी है,
तो अच्छी सड़कें भी जरूरी हैं।
अगर नियम लागू होते हैं,
तो सब पर बराबर होने चाहिए।
मैंने किसी का अपमान नहीं किया,
बस सवाल पूछा।
लेकिन कुछ ही मिनटों में
मुझे उठाकर ले जाया गया।
क्या लोकतंत्र में
सवाल पूछना गलत है?
सुरक्षा सिर्फ जुर्माने से नहीं,
व्यवस्था सुधारने से आती है।
आप क्या सोचते हैं —
सिस्टम सुधारना जरूरी है या
सिर्फ नियम लागू करना?

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