समाज आज भी बेटों की चाह में उम्मीदें लगाता है,
लेकिन जब इस माँ के आँगन में एक नहीं, दो नहीं, बल्कि चार बेटियाँ आईं —
तो लोगों ने अफसोस जताया…
मगर आज वही चार बेटियाँ इस घर की असली ताकत, असली खुशी और असली पहचान हैं।
✨ बेटियाँ बोझ नहीं, सम्मान होती हैं।
✨ बेटियाँ कमजोरी नहीं, परिवार की सबसे बड़ी ताकत होती हैं।
✨ जिस घर में बेटियाँ होती हैं, वहाँ खुदा की रहमत होती है।
👉 बेटा वंश बढ़ाता है,
लेकिन बेटियाँ संस्कार बढ़ाती हैं।
सच तो यह है —
किस्मत वालों के घर ही बेटियाँ जन्म लेती हैं।