भक्त के जीवन में विघ्न बहुत आते हैं मगर साथ में प्रभु का अनुग्रह भी आता है। भक्त की परिक्षाएं तो बहुत होती हैं मगर पाण्डवों की तरह भगवान द्वारा उन्हें परास्त भी नहीं होने दिया जाता है।
प्रभु की कृपा भी केवल उन्हीं पर होती है जो हारना स्वीकार करते हैं मगर कभी भी असत्य, अनीति और पाखंड का सहारा नहीं लेते।
जिस पर प्रभु की कृपा दृष्टि हो जाती है फिर उसको जीवन में और कुछ पाना शेष नहीं रह जाता है। "