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शायद राजस्थान सरकार का दबाव हर अधिकारी कर्मचारी पर बढ़ रहा है कि कल करणी सेना ने जो अजमेर मोदीजी के दौरे का विरोध किया है कहीं भीड़ नहीं जुटी तो सरकार की तोहिन ना हो जाए।
इसलिए अजमेर के लिए कल आपके गांव में बसों का इंतजाम किया जाए तो भी मोदीजी की सभा में बिल्कुल भी अजमेर नहीं जाना है।
खाली कुर्सियां और हो सकता हो काले झण्डे दिखाई पड़ने से लाठीचार्ज भी करवा सकती है सरकार।*
स्वर्णों की ताकत का कल होगा भाजपा सरकार को एहसास।
*जब गुजरात के मंत्री रूपाला ने विवादित बयान देकर स्वर्णों से माफी नहीं मांगी तो करणी सेना ने 36 कौम के साथ मोदीजी से स्वाभिमान के तहत रूपाला को टिकट नहीं देने के लिए विरोध प्रदर्शन किए, लेकिन अहंकार वश मोदीजी ने नजरंदाज किया और सपना पाल लिया इस बार 400 पार 🤣।
लेकिन मोदीजी 400 पार तो दूर की बात पिछला आंकड़ा भी पार नहीं कर पाऐ । और तो और वाराणसी में अपनी जीत का पिछला रिकॉर्ड भी नहीं तोड पाऐ स्वयं मोदी जी 😊😊✌️✌️👌👌🤣🤣🚩🚩🚩🚩🙏🙏🙏💪💪💪💪💪💪💪💪
और इस बार नजरंदाज का मतलब समझ में नहीं आ रहा हो तो आने वाले पंचायती राज चुनावों में ट्रेलर ही देख लेना, फिर असली पिक्चर अपने आप नजर आने लगेगी और हो सकता है आगामी चुनाव में बीजेपी शायद केंद्र में 100 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाऐ।
इसका संकेत हाल ही में स्वर्णों पर मोहन भागवत जी ने भी अपने बयान से जले पर नमक छिड़कने का काम करके दिखा दिया है।
कल 28 फरवरी शनिवार अजमेर मोदीजी की सभा के लिए भाजपा वाले कितना ही दबाव बनाए लेकिन एक भी भाई जो ugc का विरोध करता हो बिल्कुल भी नहीं जाएगा।
अहंकारियों का इतिहास उठाकर देख लेना, कितना ही अच्छा काम कर दिया हो, लेकिन किसी के स्वाभिमान पर चोट पहुंचाई तो नतीजा चाहे रावण की सोने की लंका जली हो, कंश का अंत, महाभारत में दुर्योधन...
जब जनता ने 1989 में विश्व प्रताप सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर कुर्सी पर बिठाया तो उसमें भी अहंकार भर गया, और मंडल ने उसका कर दिया कमंडल......।
फिर मोदीजी आए मंदिर भी बनवाया, 370 भी हटवाई तो हिन्दू सम्राट कहे जाने लगे, लेकिन वहीं अहंकार की पट्टी ने फिर लगता है वो दिन दूर नहीं शायद जो जनता नहीं चाहती थी, लेकिन लगता है ईश्वर को शायद कुछ और ही मंजूर हो......
कुछ भी हो आगे तो, लेकिन कल अजमेर की सभा में कुर्सियां खाली रहनी चाहिए, शायद इससे ईश्वर मोदीजी को सद्बुद्धि दे दे।

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