जब तुम्हें पता है कि बरसाना में होली के नाम पर सिर्फ लड़कियों और औरतों को टारगेट किया जाता है, तो तुम लोग वहाँ क्यों जाते हो?

ब्रज की होली में अब होली के नाम पर छेड़छाड़, औरतों और लड़कियों के प्राइवेट पार्ट्स को छूना और जबरदस्ती रंग लगाना ही रह गया है। बरसाना की होली अब अपनी वास्तविक पहचान खो चुकी है। अब लफंगों का अड्डा बन चुकी है। भगवान कृष्ण यह सब देखकर क्या सोच रहे होंगे?