4 часы - перевести

राजस्थान की भंवरी बहन चंद रुपयों की वजह से एक हंसता-मुस्कुराता चेहरा हमेशा के लिए खामोश हो गया।

वह सिर्फ किसी की बहू नहीं थी,
वह किसी की बेटी थी,
किसी के सपनों की उम्मीद थी।

आज सबसे बड़ा सवाल यही है —
आख़िर रिश्तों से ज़्यादा पैसों की कीमत कब से होने लगी?

image