3 uur - Vertalen

बारात में लाइट पकड़े खड़े बच्चे ने नींद से हार मान ली

खेलने-कूदने की उम्र में भी उसे आराम नसीब नहीं

हम खुशियों में खोए थे और वह अपनी ज़िंदगी से लड़ रहा था।

उसकी मासूम नींद ने, उसकी मजबूरी की कहानी बयां कर दी।

कितनी नाज़ुक होती है बचपन की दुनिया, जब हकीकत इतनी बेरहम हो 😔🥺