बारात में लाइट पकड़े खड़े बच्चे ने नींद से हार मान ली
खेलने-कूदने की उम्र में भी उसे आराम नसीब नहीं
हम खुशियों में खोए थे और वह अपनी ज़िंदगी से लड़ रहा था।
उसकी मासूम नींद ने, उसकी मजबूरी की कहानी बयां कर दी।
कितनी नाज़ुक होती है बचपन की दुनिया, जब हकीकत इतनी बेरहम हो 😔🥺
Anjali Kumari
حذف التعليق
هل أنت متاكد من حذف هذا التعليق ؟