1960-70 के दशक में मुंबई क्रिकेट के दिग्गज पद्माकर शिवलकर की सटीक फ्लाइट और टर्न से बड़े-बड़े बल्लेबाज खौफ खाते थे। इस फौलादी स्पिनर ने 124 फर्स्ट-क्लास मैचों में 589 विकेट चटकाए। रणजी ट्रॉफी में मुंबई को 10 खिताब जिताने में उनकी अहम भूमिका रही (रणजी में 361 विकेट)।
13 बार एक मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा करने वाले इस दिग्गज को दुर्भाग्य से कभी भारत (Team India) के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। खुद महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी माना था कि उन्हें 'इंडिया कैप' मिलनी ही चाहिए थी।
47 साल की उम्र में भी वापसी कर अपना जुनून साबित करने वाले शिवलकर रिटायरमेंट के बाद शिवाजी पार्क में नई पीढ़ी को कोचिंग देते रहे।
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