14 часы - перевести

मासूमियत का कोई मोल नहीं होत।❤️

इस नन्हीं बच्ची ने पत्तों को पैसे समझकर दुकानदार को दिया, और दुकानदार की दरियादिली देखिए।

उसने मुस्कुराते हुए उन पत्तों को स्वीकार किया और बच्ची को स्नैक्स दिए। मानवता आज भी जिंदा है।