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रेवाड़ी जिले के छोटे से गांव खुशपुरा की रहने वाली पुष्पलता की कहानी हर उस महिला के लिए एक मिसाल है, जो शादी के बाद अपने सपनों से समझौता कर लेती है। शादी के बाद वे 2 साल के बेटे की मां थीं और बैंक में असिस्टेंट मैनेजर की फुल-टाइम नौकरी भी कर रही थीं। लेकिन उन्होंने अपने IAS बनने के फौलादी सपने को नहीं छोड़ा।

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