4 ore - Tradurre

एक घर में सास और बहू रहती थीं।
जब बहू नई-नई इस घर में आई थी, तब सास ने उसे बहुत परेशान किया। छोटी-छोटी बातों पर ताने देना, बिना वजह डाँटना और दिन-रात काम करवाना उसकी आदत बन गई थी।

बहू चुपचाप सब सहती रही, क्योंकि वह घर की इज़्ज़त बचाना चाहती थी। उसने कभी किसी से शिकायत नहीं की।

समय धीरे-धीरे बीतता गया। आज वही सास बूढ़ी हो चुकी है और सहारे की ज़रूरत पड़ती है।

तभी लोगों को समझ आया कि
जिस बहू की जवानी को तानों और दुखों से भर दिया गया हो, उससे बुढ़ापे में सहारे की उम्मीद करना कितना मुश्किल होता है।

image