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यूपी के बागपत जिले के काठा गांव में एक शादी ने फौजी भाईचारे की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। यहां एक बेटी की शादी में उसके पिता मौजूद नहीं थे, लेकिन उनकी कमी पूरी करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आए सैनिक परिवार बनकर खड़े हो गए। फेरों से लेकर विदाई तक उन्होंने वही जिम्मेदारी निभाई, जो एक पिता निभाता है। दरअसल, हवलदार हरेंद्र 21 जाट रेजीमेंट में तैनात थे। साल 2020 में अरुणाचल प्रदेश में एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया था।

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