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बिहार के सारण की यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है।

एक 15 साल की मासूम बेटी, जो 10वीं कक्षा में पढ़ती थी, उसके साथ ऐसी दरिंदगी हुई जिसे सुनकर इंसानियत भी शर्मसार हो जाए। एक बेटी के सपने, उसका भविष्य और उसके परिवार की उम्मीदें—सब कुछ एक पल में छीन लिया गया।

आज सवाल सिर्फ एक परिवार का नहीं है, यह सवाल पूरे समाज का है।

अगर आज हम चुप रहेंगे तो कल किसी और की बेटी भी इसी तरह दरिंदगी का शिकार हो सकती है।

किसी भी अपराधी की जाति, धर्म या पहचान नहीं देखनी चाहिए, सिर्फ उसका अपराध देखा जाना चाहिए। जिसने भी यह घिनौना काम किया है, उसे कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि आगे कोई भी ऐसी हैवानियत करने की हिम्मत न करे।

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