बहुरंगी झंडे के नीचे एक ऐसा समुदाय है, जिसकी ज़िंदगी अब भी ब्लैक एंड व्हाइट बनी हुई है। उन्हें लगातार अस्वीकार, अपमान और अत्याचार का सामना करना पड़ता है। बेरोज़गारी और अभाव के बीच जीना पड़ता है। कई तरह की कानूनी जटिलताओं से गुजरना पड़ता है। अपनी इच्छाओं और आकांक्षाओं को दबाना पड़ता है। इस खुले समाज में भी खुद को छुपाकर जीना पड़ता है। वे अनेक मजबूरियों से घिरे हुए हैं।

इन्हीं मजबूरियों से संघर्ष करते हुए भूमिका श्रेष्ठ अब नेपाल की संसद में सांसद के रूप में कानून बनाने में अपना योगदान देंगी। उन्हें राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी ने समानुपातिक सूची से चुना है। निर्वाचन आयोग ने सोमवार शाम सूची सार्वजनिक की, जिसमें उनका नाम भी शामिल है। इसके साथ ही भूमिका को संसद में प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।

बता दें कि भूमिका स्वयं एक ट्रांसजेंडर महिला हैं। जन्म के समय वह लड़का थीं और उनका नाम कैलाश था। बाद में उन्होंने अपनी भावनाओं के अनुसार अपना रूप और नाम बदला और भूमिका बनीं। अब वह नीति-निर्माण के स्तर पर बैठकर लैंगिक और यौनिक अल्पसंख्यक समुदाय की आवाज़ बनेंगी।

भूमिका नेपाल की पहली महिला ट्रांसजेंडर सांसद बनी हैं। हालांकि इससे पहले 2008 में जब नेपाल में पहली संविधान सभा का निर्वाचन हुआ था, तब एशिया के पहले खुले समलैंगिक सांसद के रूप में सुनिल बाबु पंत चुने गए थे। लेकिन संसद में महिला ट्रांसजेंडर के रूप में भूमिका पहली सांसद बनी हैं।

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