हम अक्सर प्यास लगने पर भी सादा पानी पीने से बचते हैं और प्यास बुझाने के लिए किसी मीठे रस का सहारा लेते हैं। लेकिन हमारी यह छोटी सी लापरवाही शरीर के भीतर पत्थरों का ढेर लगा सकती है। हाल ही में एक बीस वर्षीय महिला के गुर्दे से तीन सौ से अधिक पथरी निकाली गईं, जिसका मुख्य कारण लंबे समय तक सादा पानी न पीना था।
इसके पीछे का विज्ञान बहुत ही सीधा है। हमारे गुर्दे शरीर में एक प्राकृतिक छननी की तरह काम करते हैं। जब हम पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं, तो शरीर की सारी गंदगी और रसायन आसानी से तरल के रूप में बाहर निकल जाते हैं। लेकिन जब शरीर में पानी की भारी कमी होती है, तो यह दूषित तरल बहुत गाढ़ा हो जाता है। इस स्थिति में शरीर के भीतर मौजूद खनिज और लवण आपस में चिपकने लगते हैं। पानी के बहाव के बिना ये छोटे कण ठोस रूप ले लेते हैं और धीरे-धीरे एक बड़ी और कठोर पथरी में बदल जाते हैं।
इस भयंकर दर्द वाली बीमारी से बचने का सबसे सिद्ध और वैज्ञानिक तरीका यही है कि दिन भर में भरपूर मात्रा में केवल सादा पानी पिया जाए। शरीर की इस प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए कोई भी अन्य पेय सादे पानी की जगह कभी नहीं ले सकता।