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छिंदवाड़ा के पास हुए इस बस हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि असली हीरो वही होते हैं जो मुश्किल वक्त में बिना सोचे आगे बढ़ते हैं। पीटीएस रीवा के 105 जवान ड्यूटी खत्म कर लौट रहे थे और बस में आराम से जूते उतारकर बैठे थे। तभी रास्ते में पलटी हुई बस दिखाई दी। हालात देखकर वे एक पल भी नहीं रुके—नंगे पांव ही कांच पर दौड़ पड़े, बस को करीब 3 फीट तक उठाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला और लगातार राहत कार्य में जुटे रहे। उनकी इसी हिम्मत और फुर्ती की वजह से 40 से ज्यादा लोगों की जान बच सकी। इस घटना ने फिर साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ पहचान नहीं, लोगों की जान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

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