4 часы - перевести

मात्र 10-20 रु के लिए तेज चलती ट्रेन के पीछे नंगे पैर दौड़ता ये बचपन, ना जाने कब पैरों में पत्थर चुभ जाए या कब बैलेंस खराब हो जाए..!

जिस बच्चे को स्कूल के तरफ दौड़ना चाहिए था, मजबूरियों ने उसे ट्रेन की पटरी पर दौड़ने को मजबूर कर दिया..!

जब तक देश का हर बच्चा शिक्षा से नहीं जुड़ेगा, तब तक देश कभी विश्वगुरु नहीं बनेगा...❣️