एक भी “सरकारी मंदिर” में एक रुपया दान मत करिये। 🤷🏻‍♂️🙏

जिस मंदिर में आपको VIP सिस्टम दिखे, और सरकारी मालिकाना और तथाकथित ट्रस्ट दिखे, वहाँ फूटी कोड़ी भी दान ना करे।

मैंने पिछले 4 वर्षों से एक भी मंदिर में चंदा नहीं दिया है।

ऐसा नहीं है, की मैं सनातनी नहीं हूँ, लेकिन जब तक हिंदू मंदिर आज़ाद नहीं होते, और कमिटी में कोई सनातनी व्यक्ति नहीं बैठ जाता, जिसकी चुनाव प्रक्रिया भी पारदर्शी हो, तब तक मैंने मंदिरों में पैसा ना देने की कसम खायी है।

अगर सेवा कर रहे हो, तो तीन साल के बाद ट्रस्ट सदस्यता छोड़ो।

बड़े बड़े मंदिरों के पास तो करोड़ों की FD भी है, लेकिन हिसाब किताब के नाम पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

ध्यान रहे, पैसा वही दें, जो धर्म के काम में कुछ धन लगा रहा हो, मेंटेनेस के नाम पर FD का इंटरेस्ट काफ़ी है।

हाँ, घर के बगल के मंदिरों में जरूर दान पुण्य करे, उनके पास FD नहीं है। धार्मिक कार्यकर्मों में भी सहयोग दीजिये।

नोट - अधर्मी और मलाई प्रेमी लोगो से भी धर्म की रक्षा करनी होती है। 🙏