इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है… एक दिल छू लेने वाली मिसाल ❤️🌸
मध्य प्रदेश के राजगढ़ से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो न सिर्फ दिल को छूती है बल्कि समाज को एक खूबसूरत संदेश भी देती है।
मुस्लिम पिता अब्दुल हक खान अपनी हिंदू बेटी नंदीनी सिमोलिया का कन्यादान करने जा रहे हैं। 💖
👉 असल में, नंदीनी उनकी साली हैं…
लेकिन हालात ने इस रिश्ते को “जीजा-साली” से “पिता-बेटी” में बदल दिया।
📌 साल 2010 में नंदीनी के पिता रतिराम की सड़क हादसे में मौत हो गई…
📌 और 2012 में मां फूलवती भी इस दुनिया को छोड़ गईं…
इसके बाद नंदीनी की बड़ी बहन प्रीति (आयशा) ने अब्दुल हक खान से लव मैरिज की और नंदीनी को अपने साथ ससुराल ले आई।
तभी से अब्दुल हक खान ने नंदीनी को अपनी बेटी की तरह पाला, पढ़ाया-लिखाया और हर जिम्मेदारी निभाई। 🙏
🎓 नंदीनी ने अपनी पढ़ाई पूरी की और इसी दौरान ग्वालियर के अंश परमार से दोस्ती हुई, जो बाद में प्यार में बदल गई।
जब नंदीनी ने अपने रिश्ते के बारे में बताया, तो अब्दुल हक खान ने खुले दिल से इस रिश्ते को अपनाया और शादी के लिए हामी भर दी। ❤️
💍 अब 4 अप्रैल 2026 को ग्वालियर में दोनों की शादी हिंदू रीति-रिवाजों से धूमधाम से होने जा रही है, जहां 1500–2000 मेहमानों के लिए भव्य आयोजन किया गया है।
👉 सबसे खास बात…
इस शादी में एक मुस्लिम पिता अपनी हिंदू बेटी का कन्यादान करेगा — जो अपने आप में एक मिसाल है।
🕊️ अब्दुल हक खान कहते हैं:
"खून का रिश्ता नहीं है, लेकिन प्यार, जिम्मेदारी और अपनापन ही असली रिश्ता बनाता है।"
✨ ऐसी कहानियां बताती हैं कि धर्म नहीं, इंसानियत सबसे ऊपर होती है…
🙏 सलाम है ऐसे रिश्तों को, जो समाज को जोड़ते हैं, तोड़ते नहीं…

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