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ब्रिटेन में किसी महिला को ‘आंटी’ कहकर पुकारना अब मुश्किल में डाल सकता है। भारत में यह शब्द सम्मान का प्रतीक माना जाता है, लेकिन यूके के वर्कप्लेस पर इसे उम्र और लिंग आधारित उत्पीड़न करार दिया गया है।

मामले के अनुसार, घाना मूल के नर्स सहकर्मी चार्ल्स ओप्पोंग ने काम के दौरान इल्डा को बार-बार 'आंटी' कहकर बुलाया। इल्डा ने उन्हें कई बार टोका, लेकिन ओप्पोंग नहीं माना। जून 2023 में ओप्पोंग ने यह भी कहा कि इल्डा 61 वर्षीय जॉर्ज नाम के एक बुजुर्ग स्टाफ सदस्य के लिए अच्छी पार्टनर बन सकती हैं।

ट्रिब्यूनल में ओप्पोंग ने आरोपों से इनकार किया, लेकिन स्वीकार किया कि उन्होंने एक बार 'आंटी' कहकर बुलाया था। जज एलीट ने माना कि घाना की संस्कृति में 'आंटी' बुजुर्गों के प्रति सम्मान का शब्द है, लेकिन चूंकि इल्डा इसे नहीं पसंद करती थीं, इसलिए यह उनके लिए अपमानजनक था।

जज ने कहा, 'यह अच्छा आचरण नहीं था। वर्कप्लेस में किए गए कमेंट्स ने से महिला को ठेस पहुंची। यह शिकायतकर्ता की उम्र और लिंग से जुड़ा उत्पीड़न है।' ट्रिब्यूनल ने इल्डा के उत्पीड़न के दावे को सही ठहराया, हालांकि उनकी पहचान गुप्त रखने की मांग खारिज कर दी गई।

वेस्ट लंदन एनएचएस ट्रस्ट को भारतीय मूल की हेल्थकेयर असिस्टेंट इल्डा एस्टेवेस (64) को £1,425 (लगभग 1.8 लाख रुपये) मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। एम्प्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल के जज एलीट ने यह फैसला सुनाया है।

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