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प्रभाकर गड़े ने अपनी वेस्ट होती 40% फसलों को नया रूप देकर, अपनी आमदनी को 5 गुना बढ़ा लिया!

जलगांव महाराष्ट्र के अशोक केले की फसल उगाते हैं। एक समय ऐसा था जब उनकी 40% फसल बर्बाद हो जाया करती थी; और मजबूरी में उन्हें इसे कम दामों में बेचना पड़ता था।

वह बताते हैं, “केला जिसमें विटामिन है, मिनरल है और फिर भी उसकी कीमत घट जाती है। इसकी वजह हमने खोजी तो समझ आया कि केला Perishable है इसकी लाइफ कम है। इसपर क्या हो सकता है किसान की लाचारी कैसे कम कर सकते हैं इसपर हमने अध्ययन किया।”

इसके बाद साल 2010 से अशोक ने केले के प्रोडक्ट्स बनाने पर काम करना शुरू किया; ताकि इस फल के पोषक तत्व ज़्यादा से ज़्यादा ग्राहकों तक पहुंचे, और उनके जैसे दूसरे केले के किसानो को आय का नया ज़रिया भी मिले।

उन्होंने फिर 'संकल्प इंटरप्राइजेज' नाम से एक Processing Unit शुरू किया; और चिप्स, चिवड़ा,लड्डू, पापड़ और
जैम आदि बनाने लगे। इस प्रोसेसिंग यूनिट से उनके काम को रफ़्तार तो मिली, लेकिन सच्ची सफलता उन्हें तब मिली जब उन्होंने
सामान्य प्रोडक्ट्स से हटकर एक नवाचार किया।

यह नवाचार था 'केले के बिस्कुट'! इसका आईडिया उन्हें उनकी पत्नी कुसुम ने दिया। इस तरह आज अशोक न सिर्फ Banana Biscuit बना रहे हैं, बल्कि इसे महाराष्ट्र सहित बेंगलुरु, इंदौर और कलकत्ता जैसे देश के कई शहरों में बेचकर अच्छा मुनाफ़ा भी कमा रहे हैं।

अशोक ने बता दिया कि स्टार्टअप केवल युवाओं की चीज़ नहीं; दिल में जुनून और खुद पर भरोसा रखने वाला हर व्यक्ति; किसी भी उम्र में, अपना सफ़ल स्टार्टअप चला सकता है।

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