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महंगाई की मार और कम सैलरी का दर्द अब सड़कों पर दिखने लगा है। Noida के अलग-अलग औद्योगिक इलाकों में मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा है, जहां वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज हो गया है। मजदूरों का कहना है कि उनसे 8 घंटे की जगह 10-12 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन महीने की सैलरी सिर्फ 10 से 11 हजार रुपये ही मिलती है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के बीच घर चलाना लगभग नामुमकिन हो गया है।

सबसे ज्यादा परेशानी रसोई गैस और किराए की बढ़ती कीमतों ने बढ़ा दी है। मजदूरों का कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं कमरे का किराया भी लगातार बढ़ रहा है। जो पैसा मिलता है, वह किराया और खाने-पीने में ही खत्म हो जाता है, बचत तो दूर की बात है। कई मजदूरों ने आरोप लगाया कि कागजों में ज्यादा सैलरी दिखाई जाती है, लेकिन असल में उन्हें कम पैसे दिए जाते हैं।

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का यह भी कहना है कि ओवरटाइम का सही भुगतान नहीं मिलता, काम का दबाव ज्यादा है और बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। महिला मजदूरों ने कार्यस्थल पर खराब परिस्थितियों और सुरक्षा की कमी को लेकर भी चिंता जताई है। उनका साफ कहना है कि अगर जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज होगा।

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(Noida Workers' Protest: Salary Dispute, Impact of Inflation, Rising Gas Cylinder Prices, Rent Hikes, Overtime Dispute)

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