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कानपुर में सेल टैक्स विभाग के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का केस दर्ज किया गया है। FIR 9 साल बाद 8 अप्रैल को कानपुर विजलेंस टीम ने दर्ज कराई।

9 साल पहले साल- 2017 में केशव कानपुर में तैनात थे। उस दौरान उनके नोएडा और कानपुर स्थित घर में आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा था। इस दौरान गद्दों, बाथरूम के फ्लश और गत्तों में नोटों की गडि्डयां भरी मिली थीं।

नोएडा से कुल 10 करोड़ कैश और 3 करोड़ के जेवर मिले थे। जबकि कानपुर से 4 करोड़ कैश मिला था। इसके अलावा करोड़ों की अचल संपत्ति भी मिली थी। इसके बाद केशव के खिलाफ विजिलेंस जांच कर रही थी। अब जांच पूरी होने के बाद FIR दर्ज हुई है। FIR में कहा गया है कि केशव लाल ने अपने वैध स्रोत से 1 करोड़ 34 हजार रुपए कमाए, लेकिन उन्होंने 18 करोड़ से ज्यादा खर्च किए। इस तरह उन्होंने अपनी कमाई का 18 गुना खर्च किया।

कानपुर में किराए के मकान में रहते थे केशव लाल मूलरूप से चंदौली जिले के बम्हनियांव गांव के रहने वाले केशव लाल अभी नोएडा के सेक्टर-34 में रहते हैं। 2017 में उनकी तैनाती कानपुर में थी। विजलेंस के मुताबिक, केशव लाल कानपुर के लखनपुर इलाके में एक किराए के मकान में रहते थे।

वह जिस किराए के मकान में रहते थे, उसका किराया करीब 10 हजार रुपए था। उसमें 2 कमरे, 2 बाथरूम, किचन और एक डाइनिंग स्पेस था। हालांकि, केशव लाल यहां ज्यादातर अकेले ही रहते थे। उनका परिवार नोएडा में रहता था।

केशव के दो बच्चे- एक बेटा और एक बेटी है। उन्होंने बेटी की शादी दिसंबर, 2016 में नोएडा से की थी।

19 अप्रैल, 2017 को आयकर विभाग ने छापा मारा था आयकर विभाग ने 19 अप्रैल, 2017 को उनके नोएडा और कानपुर वाले घरों पर छापा मारा था। कानपुर के किराए वाले घर से करीब 4 करोड़ रुपए मिले थे। वहीं, नोएडा वाले घर से करीब 10 करोड़ रुपए नकद और 3 करोड़ की ज्वेलरी बरामद हुई थी।

नोएडा में घर के गद्दों, पूजा रूम, अलमारी और बाथरूम के बंद पड़े फ्लश से नोटों की गडि्यां मिली थीं। वहीं, बेडरूम में नोटों से भरे 3 गत्ते मिले थे। इसके बाद मई, 2017 में केशव लाल को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी। साथ ही मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी गई थी। इसके बाद से ही उनकी संपत्तियों को लेकर जांच चल रही थी।

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