9 saat - çevirmek

आज संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में देशभर से आए युवाओं के बीच बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर अपने विचार रखें।
बाबासाहेब ने अपना सम्पूर्ण जीवन समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता के लिए समर्पित कर दिया था। भारत के महान संविधान का निर्माण कर उन्होंने समानता को आदर्श रूप में स्थापित किया। उन्होंने शिक्षा को हथियार बनाया और देश में आख़िरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए भी अधिकार सुनिश्चित किए।
आज इस अवसर पर देश के अलग-अलग प्रदेशों से आए युवा विद्यार्थियों ने भी बाबासाहेब के जीवन दर्शन पर अपने उत्कृष्ट विचार साझा किए। देखकर ख़ुशी हुई कि हमारे नौजवान जाति-पंथ में विभाजित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र और समाज की उन्नति का ध्येय लिए आगे बढ़ रहे हैं। ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष से प्रेरणा लेकर निश्चय ही यह युवा पीढ़ी विकसित भारत के निर्माण का संकल्प साकार करेगी।

image