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सुरों की दुनिया पर राज करने वाली लता मंगेशकर और आशा भोसले अब भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका नाम आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा है। हाल ही में पुणे में ‘लता-आशा मंगेशकर हॉस्पिटल’ का भूमि पूजन किया गया।

यह सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि उन दो महान आवाज़ों को समर्पित एक ऐसा प्रयास है, जो अब लोगों की ज़िंदगी बचाने का काम करेगा। जिस नाम ने दशकों तक हमें अपने गीतों से सुकून दिया, वही नाम अब मरीजों को उम्मीद देगा।

जिसका शिलान्यास महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और rss प्रमुख मोहन भागवत ने किया इस अवसर पर लता मंगेशकर और आशा भोसले की छोटी बहन ऊषा मंगेशकर भी मौजूद थीं।

लता और आशा मंगेशकर ने अपनी आवाज़ से जो जादू रचा, वो कभी खत्म नहीं होगा।अब उनका नाम एक नई पहचान के साथ जुड़ रहा है—सेवा, समर्पण और इंसानियत की पहचान।

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