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हर साल वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और दान-धर्म आदि के कार्यों से अक्षय फल की प्राप्ति होती है. यानी इस दिन शुभ कर्मों के बदले इंसान के हिस्से में आए पुण्य सारी उम्र उसे लाभ देते हैं. यह पावन तिथि धन और समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित होती है. इस दिन न केवल पूजा-पाठ से लाभ होता है, बल्कि सोने-चांदी जैसी मूल्यवान चीजें खरीदने से भी सौभाग्य में वृद्धि होती है.

द्रिग पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर आरंभ होगी. 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 49 मिनट पर यह तिथि समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर रविवार, 19 अप्रैल को यह त्योहार मनाया जाएगा.

19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन पूजा और खरीदारी के दो बड़े शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. आप सुविधानुसार किसी भी मुहूर्त में पूजा-पाठ या सोने-चांदी की खरीदारी कर सकते हैं.

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