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ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ की यात्रा अपने सबसे पावन पड़ाव पर पहुंच चुकी है. बम-बम भोले के जयकारों और आर्मी बैंड की सुरीली धुन के बीच बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अब केदारपुरी के बिल्कुल करीब है. केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले पूरी केदारपुरी को कई क्विंटल फूलों से किसी दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है.

बाबा केदारनाथ की डोली सोमवार को फाटा से अपने सफर पर निकली और बड़ासू, शेरसी, रामपुर, सीतापुर होते हुए शाम करीब 4 बजे गौरीकुण्ड पहुंची. सोनप्रयाग से लेकर गौरीकुण्ड तक श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं और अक्षत के साथ बाबा की पालकी का जोरदार स्वागत किया. सोमवार की रात बाबा की डोली ने गौरी माई मंदिर, गौरीकुण्ड में विश्राम किया. इससे पहले डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना होकर गुप्तकाशी पहुंची थी, जहां आर्मी बैंड की धुन ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया.

आज सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद डोली गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो चुकी है. हजारों की संख्या में पैदल यात्री इस डोली के पीछे-पीछे चल रहे हैं. उम्मीद है कि शाम तक डोली मंदिर परिसर में पहुंच जाएगी. वहीं, भक्तों की नजरें कल 22 अप्रैल सुबह 80 बजे के उस ऐतिहासिक पल पर टिकी हैं, जब मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ मंदिर के कपाट आम जनता के लिए खोल दिए जाएंगे.

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