8 horas - Traduzir

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक और रूह कंपा देने वाला ट्रेंड सामने आया है जिसे डॉक्टर 'ब्लड किक' कह रहे हैं। 18 से 25 वर्ष के युवा मानसिक सुकून और ऊर्जा के झूठे अहसास के लिए अपने ही शरीर से खून निकालकर उसे दोबारा इंजेक्ट कर रहे हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज में जनवरी 2026 से अब तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां युवा इस जानलेवा लत के शिकार पाए गए। विशेषज्ञों के अनुसार यह कोई साधारण नशा नहीं बल्कि एक व्यवहारिक विकार है जो सेप्सिस, एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी लाइलाज बीमारियों को न्योता दे रहा है। डिप्रेशन और सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर युवा जिस 'ब्लड किक' को थ्रिल समझ रहे हैं वह असल में ऑर्गन फेलियर और अचानक मौत का कारण बन सकता है। अभिभावकों के लिए यह एक चेतावनी है कि वे बच्चों के व्यवहार में आ रहे बदलावों और शरीर पर सुई के निशानों के प्रति सजग रहें क्योंकि यह 'खूनी सुकून' क्लिनिकल डेथ की ओर बढ़ता एक कदम है।
#bloodkicklull #bhopalalert2026 #mentalhealthmatters #dangeroustrends #bhopalnews

image