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बागेश्वर। आज के समय में जहां रिश्तों में दूरियां तथा बिखराव आम हो गए हैं, वहीं कपकोट तहसील के फरसाली वल्ली तिलघर गांव निवासी 89 वर्षीय पूर्व सैनिक केदार सिंह कोश्यारी ने सच्चे प्रेम की ऐसी मिसाल पेश की है, जो हर किसी को भावुक कर देती है।
उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी की याद को जीवित रखने के लिए उनकी आदमकद मूर्ति बनवाकर उसे अपने घर में स्थापित किया है तथा आज भी उसी समर्पण के साथ उनका साथ निभा रहे हैं।
पूर्व सैनिक केदार सिंह का विवाह वर्ष 1955 में लक्ष्मी देवी के साथ हुआ था। दोनों का दांपत्य जीवन प्रेम, विश्वास तथा सामंजस्य से भरा रहा।
सेना में रहते हुए भी केदार सिंह ने परिवार और रिश्तों को बराबर महत्व दिया, लेकिन पारिवारिक कारणों से उन्हें समय से पहले सेवा छोड़कर गांव लौटना पड़ा।
सात दिसंबर 2019 को एक विवाह समारोह के दौरान लक्ष्मी देवी का अचानक निधन हो गया। 57 वर्षों का साथ एक झटके में टूट गया। संतान न होने के कारण केदार सिंह पूरी तरह अकेले पड़ गए।
हालांकि, उनके भतीजे और पुत्रवधू उनकी देखभाल करते हैं, लेकिन जीवनसंगिनी के जाने का खालीपन उन्हें हर पल महसूस होता रहा।
केदार सिंह का यह समर्पण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनके इस निस्वार्थ प्रेम को सच्चे प्रेम की अनूठी मिसाल मान रहे हैं।
जहां आज के दौर में रिश्ते अक्सर समय और परिस्थितियों के साथ बदल जाते हैं, वहीं केदार सिंह की यह कहानी बताती है कि सच्चा प्रेम केवल जीवन तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह यादों और समर्पण में हमेशा जीवित रहता है।

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