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👉❤️यह नेपाल के काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर परिसर (बागमती नदी के दाहिने तट पर आर्यघाट के पास) में स्थित **"विरूपाक्ष" (Birupakshya)** की अत्यंत प्रसिद्ध और प्राचीन मूर्ति है। स्थानीय भाषा में इन्हें **'कलि' (Kali)** भी कहा जाता है।
यह मूर्ति प्राचीन भारतीय और नेपाली मूर्तिकला का एक अनूठा उदाहरण है। आइए इसके इतिहास और इससे जुड़ी दिलचस्प मान्यताओं को समझते हैं:
### 1. ऐतिहासिक और पुरातात्विक पृष्ठभूमि
* **निर्माण काल* इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार, यह मूर्ति **लिच्छवि काल (Licchavi Period)** यानी लगभग **5वीं शताब्दी (5th Century CE)** की मानी जाती है। कुछ विद्वान इसे उससे भी पुरानी 'किरात कालीन' कला का हिस्सा मानते हैं।
* **स्थापना* माना जाता है कि लिच्छवि राजा मानदेव की नागा मूल की रानी **'श्री भोगिनी'** ने अपने मातृपक्ष के कुलदेवता या रक्षक देवता की स्मृति में इसे स्थापित करवाया था।

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