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कुछ लोग अपनी परिस्थितियों को कमजोरी बना लेते हैं, और कुछ लोग वही परिस्थिति अपनी सबसे बड़ी ताकत बना देते हैं। उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव से आने वाले Praveen Kumar की कहानी इसी हौसले की मिसाल है।
बचपन से ही शारीरिक चुनौतियों का सामना करने वाले प्रवीण ने कभी अपनी कमी को अपनी पहचान नहीं बनने दिया। उन्होंने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर खेल की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
Tokyo Paralympics में Silver Medal जीतने के बाद उन्होंने खुद से वादा किया था, अगली बार गोल्ड लेकर लौटेंगे। और फिर Paris Paralympics 2024 में उन्होंने इतिहास रच दिया।
Men’s High Jump T64 category में 2.08 मीटर की शानदार छलांग लगाकर उन्होंने Gold Medal अपने नाम किया और नया एशियन रिकॉर्ड भी बनाया। अब उनके इसी संघर्ष, मेहनत और भारतीय खेलों में योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित Padma Shri सम्मान से नवाजा गया है। इससे पहले उन्हें Major Dhyan Chand Khel Ratna Award से भी सम्मानित किया जा चुका है।
आज प्रवीण कुमार सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की उम्मीद बन चुके हैं, जो मानते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी कमी इंसान को रोक नहीं सकती।
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