रूस के 73 वर्षीय राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की लंबी उम्र की महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए क्रेमलिन ने एक नया वैज्ञानिक मिशन शुरू किया है। सरकार ने 'न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज' नामक 26 अरब डॉलर की विशाल योजना पेश की है।
इस योजना के तहत मुख्य रूप से एंटी-एजिंग (उम्र के प्रभाव को रोकने वाले) विज्ञान और इंसानी अंगों को बदलने की अत्याधुनिक तकनीकों पर शोध किया जा रहा है। इस भारी-भरकम प्रोजेक्ट में जीन थेरेपी, इंसानी अंगों की 3D प्रिंटिंग, मिनी-पिग्स में मानव अंग उगाना और बेहद कम तापमान वाली क्रायोथेरेपी जैसे वैज्ञानिक तरीके शामिल हैं।
इस सरकारी प्रोग्राम के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि पुतिन एंटी-एजिंग साइंस का इस्तेमाल केवल स्वस्थ रहने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक सत्ता पर काबिज रहने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, इस क्षेत्र में अभी तक वैज्ञानिक प्रमाण बेहद सीमित हैं और आलोचक इस 26 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट को महज़ एक असंभव सपने के रूप में देख रहे हैं।

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