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जिन भी मादर@दो ने ये किया उन हरामखोरो को ऐसी मौत देनी चाहिए को अन्य कोई इस तरह की क्रूरता करने से पहले अपनी दुर्दशा सोच का ही मर जाये ओर ये सजा देश का संविधानिक कानून तो कतई नहीं दे सकता?
पहले गिरफ्तारी होगी फिर कोर्ट कचहरी के चक्कर लगने शुरू होंगे फिर जमानत होगी फिर तारीख पे तारीख तारीख पे तारीख मिलेंगी फिर सजा होगी सबूत जिंदा रहे तो ओर फिर पेरोल यही क्रम चलेगा ओर एक माँ पिता न्याय की आस में रोज पल पल मरेंगे
अब बदलाव की जरूरत है अन्यथा ये दरिंदे ओर न जाने कितनो को नोचेंगे मारेंगे क्यों कि जो डर इनके भीतर होना चाहिए वो आज की कानून व्यवस्था में कही नहीं है
ॐ शांति 🙏

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