बदायूं का रहने वाला मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक अपनी रिश्ते की भाभी (रति) से एकतरफा प्यार करता था और उस पर शादी के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
महिला ने जब साफ तौर पर शादी से इनकार कर दिया और कहा कि उसका डेढ़ साल का बेटा आरव ही उसकी जिंदगी है, तो सनकी विराज के दिमाग में खौफनाक साजिश ने जन्म लिया। उसने सोचा—न रहेगा बच्चा, न रहेगा शादी से इनकार करने का बहाना!
मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने गोद में उठाकर बाहर ले गया। एक सुनसान गली देखकर हैवान बने विराज ने मासूम को हवा में उछाला और महज 34 सेकंड के अंदर 8 बार सड़क पर पटक-पटक कर मार डाला।
डॉक्टरों के मुताबिक, पहली ही बार जमीन पर पटकने से मासूम के सिर के जोड़ खुल गए थे और गर्दन टूट गई थी। उसकी छाती की पसलियां अंदर ही अंदर चकनाचूर हो चुकी थीं।
फरार होने की फिराक में झाड़ियों में छिपे आरोपी विराज ने पुलिस को देखते ही फायरिंग झोंक दी। उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी विराज के दोनों पैरों में गोलियां लगीं। एनकाउंटर के बाद जमीन पर गिरे आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है जहां वो पुलिस से गिड़गिड़ाते हुए "सर पानी... प्लीज सर पानी दे दो..." की भीख मांग रहा है।
मासूम की जान लेने के बाद आरोपी विराज ने पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों को फोन किया था। ऑडियो में आरोपी अपनी इस हैवानियत पर पर्दा डालने के लिए कह रहा है— "मुझसे गलती हो गई, 20-21 लाख रुपये ले लो और केस को यहीं रफा-दफा कर दो"।
सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि जो हैवान डेढ़ साल के बच्चे के साथ ऐसी दरिंदगी कर सकता है, उसे जीने का कोई हक नहीं है। लोग आरोपी को सरेआम कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
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