10 hrs - Translate

अस प्रभु दीनबंधु हरि कारन रहित दयाल।
तुलसिदास सठ तेहि भजु छाड़ि कपट जंजाल॥
अर्थ:-👇
प्रभु श्री राम ऐसे दीनबंधु (दीनों के सच्चे बंधु) और बिना किसी कारण (हेतु) के ही दया करने वाले हैं। तुलसीदास जी अपने मन को संबोधित करते हुए कहते हैं कि हे मूर्ख (शठ) मन! तू सांसारिक कपट और प्रपंच के जंजाल को छोड़कर उन्हीं प्रभु श्री राम का भजन कर।
गहरा भावार्थ:-
यह दोहा हमें सिखाता है कि ईश्वर बिना स्वार्थ के अपने भक्तों पर कृपा करते हैं, इसलिए निष्कपट मन से उनकी शरण में जाना ही जीवन का परम सत्य है।
यह प्रसिद्ध दोहा गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के बालकांड से लिया गया है।
रामचरितमानस परिवार
सिरसा हरियाणा

image