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जिसने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की, जिसने घास की रोटी खाना मंजूर किया, लेकिन मातृभूमि का सम्मान गिरवी नहीं रखा।

ऐसे अमर योद्धा महाराणा प्रताप को कोटि-कोटि नमन। 🙏

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