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माँ भारती के अनन्य उपासक, राष्ट्रीय चेतना एवं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर पुरोधा, Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के द्वितीय सरसंघचालक, 'राष्ट्रऋषि' श्रद्धेय माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर 'गुरुजी' की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।
श्रद्धेय 'गुरुजी' ने राष्ट्रवाद को केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन का व्यवहार बनाया। उनका तप, त्याग, संगठन कौशल और 'राष्ट्र प्रथम' का मंत्र आज करोड़ों स्वयंसेवकों एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणापुंज है।

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