8 ساعة - ترجم

राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले में 15 वर्षीय छात्र गर्वित रेवाड़ को एक दिन के लिए जिला कलेक्टर बनाया गया। उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का था। गर्वित 'डीएमडी' नामक गंभीर आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित हैं, जिससे उनके शरीर का अधिकांश हिस्सा काम नहीं करता। शारीरिक अक्षमता के बावजूद उन्होंने हाल ही में 10वीं बोर्ड परीक्षा में 82.83% अंक हासिल किए हैं।
उनकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए वर्तमान जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने यह कदम उठाया। गर्वित को पूरे सरकारी प्रोटोकॉल के साथ कलेक्ट्रेट लाया गया, जहां उन्होंने मुख्य कुर्सी संभाली।
कलेक्टर की जिम्मेदारी संभालते ही गर्वित ने अधिकारियों के साथ बैठक की और जनता की समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। अपने एक दिन के कार्यकाल में उन्होंने सरकारी अवकाश की घोषणा की और स्थानीय लोगों से ज्ञापन भी स्वीकार किए। कलेक्टर अवधेश मीणा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार न मानने के लिए प्रेरित करना है।

image