बदलते बंगाल की झलक 👏
15 साल तक कोलकाता मेट्रो का काम रुका रहा
फिर मैंने इस पर गुगल ए-आई पर रिसर्च किया कि आखिर किस कारण से यह काम रुका रहा ।
तो कारण एकमात्र था कि अगर यह मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होता तो इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी करते और ममता बनर्जी यह नहीं चाहती थी ।
क्योंकि यह केंद्र सरकार बनवा रही है ।
जी हां रेल विकास निगम लिमिटेड जो कोलकाता मेट्रो के अरेंज लाइन का काम कर रही थी उसे एक बाईपास के ऊपर से एक बाय डक्ट बनाना था लेकिन उसके लिए 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी था
15 साल पहले आरवीएनएल ने स्थानीय प्रशासन को पत्र भेजा की 15 दिन के लिए ट्रैफिक रोक दीजिए तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ट्रैफिक नहीं रोका !
फिर 4 पत्र और भेजे गए ट्रैफिक नहीं रोका गया
उसके बाद आरबीएनएल को हाई कोर्ट जाना पड़ा हाई कोर्ट में तुरंत पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिया कि ट्रैफिक रोका जाए ताकि मेट्रो का काम पूरा हो
लेकिन ममता बनर्जी की जिद्द देखिए ममता बनर्जी ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी है तो ममता बनर्जी ने इस पर पुनर्विचार याचिका दायर कर दिया
और सबसे बड़ी आश्चर्य की इस खबर को किसी मीडिया ने कभी चलाया भी नहीं कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ मोदी उद्घाटन ना कर सके उसके लिए क्या गंदा खेल खेला जा रहा है ।
उसके ही राज्य के लाखों लोग ट्रैफिक जाम में फंसकर अपना वक्त बर्बाद करते रहे लेकिन ममता बनर्जी के लिए अपना घमंड सबसे जरूरी था।
उसके बाद चुनाव आए और यह मुद्दा चुनाव में भी खूब उछला
फिर ममता सरकार चली गई और जो प्रोजेक्ट पिछले 15 साल से रुका था वह मात्र 15 दिन में पूरा हो गया।
इसीलिए मैं कहता हूं भारत का विपक्ष देश के विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है।
दूसरी बात
ध्यान दीजिए
भारत के किसी भी मीडिया ने कभी भी बंगाल के अवैध टोल नाको और केंद्र के प्रोजेक्ट में अड़ंगों के बारे में एक भी लाइन नहीं चलाई। इस देशद्रोही गोदिया मीडिया के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ❓ 🤔