देवभूमि की माटी के गौरव, निशानेबाजी की दुनिया में भारत का डंका बजाने वाले महान खिलाड़ी एवं पद्मश्री, अर्जुन व द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता स्व.जसपाल राणा जी के असामयिक निधन ने हम सभी को गहरे शोक में डाल दिया है।
इस दुखद सूचना के बाद, आज मैं उनके देहरादून के पौंधा स्थित आवास पर पहुँची। वहां शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। जसपाल जी के पूरे परिवार को ढांढस बंधाया। इस वज्रपात को सह रहे परिवार के आंसू पोंछते हुए मेरा हृदय भी भर आया। दुःख की इस घड़ी में मैं और हमारी सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके परिवार के साथ खड़ी है।
जसपाल राणा जी का जाना सिर्फ खेल जगत की क्षति नहीं है, बल्कि उत्तराखंड ने आज अपना एक अनमोल रत्न और युवाओं का सबसे बड़ा मार्गदर्शक खो दिया है। देश को ओलंपिक के मंच पर पहचान दिलाने वाली प्रतिभाओं को निखारने में उनका समर्पण अद्वितीय था। खेल के प्रति उनकी इसी निष्ठा और योगदान को यह देश कभी नहीं भुला पाएगा।
भगवान बद्रीविशाल और बाबा केदारनाथ जी से करबद्ध प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में उत्तम स्थान दें और शोकाकुल परिवार, खेल प्रेमियों व उनके प्रशंसकों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
॥ शत-शत नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि ॥
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ॐ शांति शांति शांति। 🙏