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नागपुर के सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी श्रीकांत सहस्रबुद्धे जी ने अपनी जीवनभर की बचत में से 25.51 लाख रुपये सेना केंद्रीय कल्याण कोष को दान कर दिए।
यह वही रकम थी जिसे उन्होंने और उनकी पत्नी ने रिटायरमेंट के बाद दुनिया घूमने के सपने के लिए बचाकर रखा था। लेकिन रिटायरमेंट से कुछ महीने पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया और उनका यह सपना अधूरा रह गया।
उन्होंने फैसला किया कि यह धन किसी ऐसे काम में लगाया जाए जिससे दूसरों के जीवन में खुशियां आएं। उन्होंने पूरी राशि सेना के उन परिवारों के लिए समर्पित कर दी जो देश की रक्षा करते हुए अपने प्रियजनों को खो चुके हैं।
श्रीकांत जी ने कहा कि उन्हें इस दान से उतनी खुशी मिली है, जितनी शायद दुनिया घूमने से भी नहीं मिलती। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जहां भी उनकी पत्नी होंगी, आज जरूर खुश होंगी।
देशभक्ति केवल सीमा पर खड़े सैनिक ही नहीं दिखाते, बल्कि ऐसे नागरिक भी दिखाते हैं जो अपने सपनों से ऊपर उठकर देश के लिए सोचते हैं।
श्रीकांत सहस्रबुद्धे जी को सलाम। आपका यह कदम लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। 🇮🇳❤️
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