अयोध्या के भव्य राम मंदिर में देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर चढ़ावा किया है। उद्घाटन के बाद से अब तक मंदिर को ₹3,000 करोड़ से अधिक का चढ़ावा प्राप्त हो चुका है। चढ़ावे की इस विशाल धनराशि और सोने-चांदी के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रखने के लिए एक अभेद्य और आधुनिक व्यवस्था काम कर रही है।
कैसे होती है इतने बड़े चढ़ावे की गिनती?
दानपात्रों से निकली नकदी को परिसर के अंदर बने एक सुरक्षित और गोपनीय कक्ष में ले जाया जाता है, जो पूरी तरह CCTV निगरानी में रहता है। नोटों की गिनती के लिए लगभग 50 लोगों की विशेष टीम तीन श्रेणियों में काम करती है। इसमें 24 कर्मचारी नोट गिनकर बंडल बनाते हैं और 12 ट्रस्ट अधिकारी इस पर कड़ी नजर रखते हैं। गिनती और डिजिटल अकाउंटिंग को त्रुटिहीन बनाने के लिए SBI के वित्तीय अधिकारी और TCS के तकनीकी विशेषज्ञ हर एंट्री का बारीकी से मिलान करते हैं। मंदिर में औसतन प्रतिदिन ₹1 करोड़ से अधिक का चढ़ावा आता है, जिसे उसी दिन गिनकर सीधे SBI बैंक खाते में सुरक्षित जमा कर दिया जाता है।

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