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ॐ महेश्वराय नम: 🙏
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की नवमी को महेश नवमी का पावन पर्व मनाया जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित यह दिवस माहेश्वरी समाज के लिए विशेष श्रद्धा, उत्सव और सामाजिक एकता का अवसर है।
🗓️ महेश नवमी: 23 जून 2026, मंगलवार
भगवान शिव कल्याणकारी, मंगलमय और परम शांतिमय हैं, भगवान शंकर का एक नाम महेश भी है। माहेश्वरी समाज की उत्पति भी भगवान शिव के वरदान से इसी दिन हुई थी।
भगवान शंकर की आज्ञा से ही इस समाज के पूर्वजों ने क्षत्रिय कर्म छोड़कर वैश्य धर्म को अपनाया था।
इस दिन प्रातः स्नान के बाद शिवलिंग का जल या पंचामृत से अभिषेक करें। महादेव को बिल्वपत्र, सफेद पुष्प, चंदन और अक्षत अर्पित करें। माता पार्वती को पुष्प और श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं। महेश नवमी के दिन महेश्वराय नम: मन्त्र का स्मरण करते हुए भगवान शिव की आराधना की जाती है।
महेश नवमी के अवसर पर अनेक स्थानों पर शोभायात्रा, भजन, धार्मिक आयोजन, सेवा कार्य और प्रसाद वितरण किया जाता है।

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