4 ore - Tradurre

बेटियों को खेलों की सियासत में मत उलझाएं
एक तरफ हमारा देश बेटियों के सशक्तीकरण पर प्रतिवर्ष अरबों रुपये इश्तहार में खर्च करता है, दूसरी तरफ सरकार और देश के खेलनहार बेटियों को कर्जदार बनाने का गुनाह कर रहे हैं। यह तमाशा भारतीय ओलम्पिक संघ के खजांची रहे आनंदेश्वर पांडेय के हैंडबॉल खेल के साथ हो रहा है जिसे अच्छी बात नहीं मानी जा सकती। आनंदेश्वर पांडेय अच्छी तरह से जानते हैं कि सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण ने इस दौरे पर अपने खजाने से क्यों मदद नहीं की।

image