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भारत के खेल इतिहास में कई ऐसे नाम हैं जिन्हें उनके योगदान के बावजूद वह सम्मान कभी नहीं मिला जिसके वे वास्तविक हकदार थे। कुछ खिलाड़ियों ने गरीबी से लड़कर इतिहास रचा, कुछ ने गंभीर चोटों को हराया, तो कुछ ने देश के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे खिलाड़ी की कहानी सुनी है जिसने बचपन में अंग्रेजों से बचने के लिए गंगा में छलांग लगा दी, गोली खाई, महीनों अस्पताल में पड़ा रहा, फिर भी हार नहीं मानी और भारत को ऐसा स्वर्ण पदक दिलाया जो आज भी भारतीय तैराकी का सबसे बड़ा गौरव माना जाता है? यह कहानी है भारत के महान तैराक सचिन नाग की, जिनका नाम आज की पीढ़ी शायद ही जानती हो, लेकिन जिनकी उपलब्धियां भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं। ऐसी ही अनसुनी और प्रेरणादायक कहानियां लेकर आता है

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