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'एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान, नहीं चलेंगे’
निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में आजीवन समर्पित रहे, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
देश की आन-बान और शान की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
माँ भारती के गौरव एवं सम्मान की रक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान, 'अखंड भारत' के प्रति उनका समर्पण प्रेरणास्पद है।

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