बचपन की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि उसे न महंगे खिलौनों की ज़रूरत होती है, न बड़ी-बड़ी खुशियों की।

थोड़ी सी मिट्टी, ढेर सारी शरारतें और चेहरे पर सनी मासूम मुस्कान ही उसकी पूरी दुनिया होती है।

यही पल आगे चलकर सबसे खूबसूरत यादें बन जाते हैं।