"अच्छी दवाई, सस्ती दवाई"—यही सोच लेकर शुरू हुई जन औषधि परियोजना आज करोड़ों लोगों के लिए राहत का माध्यम बन चुकी है।
हाल ही में एक अमेरिकी महिला ने दावा किया कि जिस दवा की कीमत अमेरिका में लगभग ₹86,000 है, वही दवा उसे भारत में सिर्फ़ ₹2,150 में मिल गई। इस बड़े मूल्य अंतर ने एक बार फिर भारत की किफायती जेनेरिक दवाओं और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना की ओर लोगों का ध्यान खींचा है। 😲
जन औषधि योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयाँ आम लोगों तक बेहद कम कीमत पर पहुँचाना है, ताकि आर्थिक तंगी किसी के इलाज में बाधा न बने। जब इलाज सस्ता होता है, तो लाखों परिवारों का बोझ भी कम होता है और स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक लोगों तक पहुँच पाती हैं।
इसी वजह से कई लोग इस पहल की सराहना करते हुए कहते हैं कि ऐसी योजनाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
स्वस्थ भारत की पहचान तभी बनेगी, जब हर व्यक्ति को अच्छी और सस्ती दवा आसानी से मिले।
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