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⚽🇮🇳 सिर्फ 9 साल की उम्र में फुटबॉलर बनने का सपना लेकर घर छोड़ने वाला नागालैंड का एक छोटा-सा बच्चा... आज महज़ 12 साल की उम्र में स्वीडन में हैट्रिक लगाकर पूरे भारत का नाम दुनिया भर में रोशन कर रहा है।

वांगशेम कोन्याक की यह कहानी बताती है कि बड़े सपनों की कोई उम्र नहीं होती। जुनून, मेहनत और अपने लक्ष्य पर अटूट विश्वास इंसान को वहां तक पहुंचा देता है, जहां पहुंचने का सपना भी हर कोई नहीं देख पाता।

ऐसे होनहार खिलाड़ियों पर पूरे देश को गर्व है। उम्मीद है कि आने वाले समय में वांगशेम भारत के लिए और भी कई बड़े मुकाम हासिल करेंगे। ❤️🏆🇮🇳

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